Negative interference stop No Further a Mystery



गुरुमुखी मंत्र और खतरनाक शक्तियों के मंत्र से और उसकी शक्ति से हम श्मशान की राख को अभिमंत्रित करते हे और उसको खास प्रकार की वशीकरण राख बनाते हे उस राख को इच्छित व्यक्ति पर फेकने से या किसी भी बहाने उसको खिला देने से वो आपके प्यार में गिरफ्तार हो जाएगी

जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.

भूत बाधा नाशक मंत्र : भुत प्रेत भगाने का शक्तिशाली मंत्र

हम यहाँ वेबसाइट पर पूरी साधना नहीं डाल सकते क्योकि हमारी दी गई साधना गुरुमुखी साधना होती हे और हमने जो साधना सिद्ध करी हे वही ही डालते हे हमारी वेबसाइट से कई लोग यूट्यूब पर कॉपी करके डालते हे और हमारी साधना का गलत उपयोग कर रहे हे इसलिए आप सब साधक मित्रो को नम्र विनंती हे की आपको अगर साधना सीखनी हो तो आप हमारा कांटेक्ट कर सकते हो साधना लेने के लिए साधक को अपनी शक्ति अनुसार सेवा में योगदान करना पड़ेगा तब जाकर साधना मिलेगी.

हालांकि इसके लिए उसे पूरे विधि विधान से साधना करनी होगी, हमारे देश में ऐसे कई साधक हैं जो काफी लंबे समय तक ग्रहण काल आने का इंतजार करते हैं.

मंत्र नियम : मंत्र-साधना में विशेष Tantrik attack se suraksha ध्यान देने वाली बात है- मंत्र का सही उच्चारण। दूसरी बात जिस मंत्र का जप अथवा अनुष्ठान करना है, उसका अर्घ्य पहले से लेना चाहिए। मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है कि मंत्र को गुप्त रखा जाए। प्रतिदिन के जप से ही सिद्धि होती है। किसी विशिष्ट सिद्धि के लिए सूर्य अथवा चंद्रग्रहण के समय किसी भी नदी में खड़े होकर जप करना चाहिए। इसमें किया गया जप शीघ्र लाभदायक होता है। जप का दशांश हवन करना चाहिए और ब्राह्मणों या गरीबों को भोजन कराना चाहिए।

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जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।

हिंदू धर्म ने ही दुनिया को खगोल शास्त्र, अर्थशास्त्र और अंकगणित जैसी विद्या भी प्रदान की है

ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः

ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।

” ॐ भगवती भग भाग दायिनी देव दत्तीं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा ”

भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।

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